
खबर सोनभद्र से आपको बतादें कि आशा वर्कर्स दशकों से अपनी जायज मांग के लिए आवाज उठाती आ रही हैं। किंतु उनकी समस्याओं के समाधान में सरकार ने कभी भी रुचि नहीं दिखाई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और जिला स्वास्थ्य समितियां भी सामान्य शिकायतों को भी सुनने और उनके निस्तारण के प्रति उदासीन हैं, अष्ट्राचार एक परम्परा की तरह है। दशकों से विभिन्न तरह के कार्यों में 99% कार्यों की कोई प्रोत्साहन राशि अदा नहीं की जाती और काम की श्रृंखला में 74 कार्यों के अलावा विशेष कार्यों की जवाबदेही भी संपादित करनी पड़ती हैं। कुछ कार्यों की प्रोत्साहन राशियों का दशकों से कभी भी पुनरीक्षण नहीं किया गया । आश्चर्य जनक यह है कि आधार प्रोत्साहन राशि का भी कभी भी नियमित भुगतान नहीं किया जाता । वर्तमान समय में आधार भुगतान, प्रोत्साहन राशियां और राज्य वित्त से मिलने वाली राशियों का भुगतान कई माह राज्य में बकाया है। जिसकी मांग को लेकर समस्या की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री महोदय उत्तर प्रदेश ईमेल एवं मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय / चिकित्साधीक्षक महोदय जी को ज्ञापन दिया गया। जिसमें मागें कुछ इस प्रकार हैं।
1_ आशा संगिनी
2_ आशा, आशा संगिनी की ईपीएफ, ईएसआई का सदस्य बनाया जाए। सेवा निवृत्ति पर बेडच्युटी दी जाए। 4_10 लाख स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख का जीवन बीमा सुनिश्चित किया जाए।
3_ न्यूनतम वेतन लागू होने तक आशा कर्मियों को आधारभूत मानदेय 21000 / तथा आशा संगिनी को रु 28000 / किया जाए। जननी सुरक्षा से जुड़े बुनियादी कार्य के अलावा अन्य कार्यों की (प्रोत्साहन) उत्प्रेरण राशियों का निर्धारण कर नियमित और पारदर्शी ढंग से भुगतान किया जाए।
4 आशा संगिनी कर्मियों को भ्रमण यात्रा भत्ता दिया जाए या एकमुश्त उनके आवागमन के लिए स्कूटी उपलब्ध कराए जाएं।
5 आशा व आशा संगिनी को उच्च गुणवत्ता वाले 5 जी मोबाइल और तेज इंटरनेट सेवा प्रदाता कम्पनी के सिम उपलब्ध कराएं जाएं साथ ही उसके जरिए ली जाने वाली सेवाओं के भुगतान की स्पष्टता सुनिश्चित की जाए। 9. गोल्डन आयुष्मान कार्ड और आभा परिचय पत्र के सूजन में किए गए योगदान के सापेक्ष अब का तक का 125.2 करोड़ रु का सम्पूर्ण भुगतान एकमुश्त किया जाए।
6 _वर्ष 2018 से 2025 तक विभिन्न दुर्घटनाओं में मृतक आशा, आशा संगिनी के परिजनों को अनुमन्य 2 लाख की बीमित राशि और 10 लाख रुपए क्षतिपूर्ति के रूप में आश्रितों को भुगतान किए जाए।
7_दशकों से अब तक बकाया विभिन्न प्रोत्साहन राशियों और केंद्र व राज्य प्रदत अनुग्रह राशियों का 1.5
लाख करोड़ रु भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए।
8 सभी जिलों में लैंगिक उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए जीएसकैश का गठन किया जाए और कमेटियों में आशा, संगीनियों को प्रतिनिधित्व दिया जाय।
9_ वर्ष 2025 के कई माह के बकाया आधारभूत भुगतान तथा प्रोत्साहन राशियों सहित राज्य वित से मिलने वाली अनुतोष राशि का भुगतान तत्काल किए जाएं।








